卐 ॥ ॐ श्री गणेशाय नमः ॥ 卐 Diwali 2017

दीपावली पूजन का अर्थ है - लक्ष्मी जी की पूजा परन्तु इसमें कलश, नवग्रह, षोडशमातृका, श्री गणेश, महालक्ष्मी, महासरस्वती और श्री कुबेर की पूजा करते हैं ।

卐 ॥ Om Shree Ganeshaay Namah ॥ 卐

Worship of Depawali Means – Worship of Goddess Laxmi but we do the worship finial/earther pot (Kalash), Nine Planets (Navgrah), Shodashamaatrika, Shree Ganesh, Mahalaxmi, Mahasarswati and Shree Kuber (God of wealth).

दीपावली पूजन विधि विस्तार से। (Deepawali Pujan Vidhi Step by Step)

पूजन सामग्री :- (Worship Materials)
• लक्ष्मी एवं गणेश जी की मूर्ति - मिट्टी या धातु की
(Statue of Ganesh and Laxmi – made up with any material or earthern )
• रोली 10 ग्राम (Roli 10 gm)
• मौली 2 गोला (Mauli 2 pieces)
• लौंग 10 ग्राम (Clove 10 gm)
• इलायची 10 ग्राम (Cardamon 10 gm)
• साबुत सुपारी 11 पीस (Areca nut(Supari) 11 pieces)
• इत्र 1 शीशी (Scent 1 small bottle )
• देशी घी 250 ग्राम (Ghee 250 gm)
• आम के पत्ते (एक पल्लो) (Mango Leaves (in a bunch) )
• खील 250 ग्राम (Kheel (made up from rice) 250 gm)
• बताशा 250 ग्राम (Bataasha (type of sweet made from sugar in different shape) 250 gm )
• सिंदूर 10 ग्राम (श्री हनुमान जी वाला ) (Vermillion (sindoor) 10 gm (orange colour) )
• लाल सिंदूर की डिब्बी-1 (Red vermillion(Lal sindoor) – 1 small box)
• कपूर 10 ग्राम (Camphor (kapur) 10 gm )
• रुई की बत्ती (Cotton lint( cotton batti))
• माचिस (Matchstick - 1)
• कमल गट्टा 10 ग्राम(Kamal Gatta 10 gm )
• साबुत धनिया (Coriander whole – 5gm)
• तोरण (Festoon of ashok leaves (ashok leaves toran))
• साबुत चावल 1 किलो (Whole rice 1 kg)
• पंच पात्र या 1 गिलास (plate or glass- 1 )
• आचमनी या एक चम्मच (spoon -1)
• अर्धा या जलपात्र कलश ढ़क्कन सहित (Finial with cover( earthen pot with coverlid) - 1 )
• दीप पात्र (utensil for lamp -1)
• धूप पात्र (utensil for dhoop -1 )
• एक पानी वाला नारियल(Coconut( with water) – 1 )
• लाल कपड़ा 2.5 मीटर (चौकी पर बिछाने के लिये एवं नारियल पर लपेटने के लिये ) (Red Cloth 2 (2.5 meter each) (one for small stool and one to cover coconut))
• केसर 2 ग्राम (Saffron (Kesar) 2 gm )
• कुशासन या लाल कम्बल -आसन के लिये (Mat made up with grass/kush or red blanket – for sitting)
• सफेद कपड़ा (White cloth – 2 (2.5 meter each) )
• सफेद चंदन (White Sandalwood – 1 packet)
• लाल चंदन (Red Sandalwood- 1 packet)
• मिट्टी के 5, 11, 21 या अधिक छोटे दीपक (Small earthen lamp – 5 ,11,21 or more )
• मिट्टी का एक बडा दीपक (Big earthen lamp – 1 )
• पान के 11 पत्ते डंडी सहित (Betel leaves with stem - 11 )
• फल (ऋतु फल) (Seasonal Fruits )
• पंचमेवा (panchmeva( mix of cashew,raisins,date palm,coconut and peanuts )- 10 gm)
• दूब या दुर्बा (Grass )
• फूल (Flower)
• फूल माला (Garland )
• गणेश जी के लिये ळड्डू (Laddu for God Ganesh)
• खुले पैसे (Change rupees)
• मिठाई (sweets)
• सरसो का तेल ( Mustard oil)
• साबुत हल्दी 20 ग्राम (Whole turmeric 20 gm)
• कुमकुम या गुलाल 10 ग्राम (Gulaal 10gm)
• कलम (Ink Pen)
• स्याही की दवात (Ink bottle )
• बही खाता (Leedger Account book)
• तिज़ोरी या गुल्लक (Safe)
• एक थाली आरती के लिये (Plate – for aarati)
• कटोरी दूध दही पंचामृत के लिये (Bowl (for milk, curd, panchamrit) - 5)
• पंचामृत - दूध,दही, शहद,घी ,शक्कर (चीनी) मिलाकर बनाये (Panchamrit – (mixture of milk, curd, honeey, ghee & sugar) )
• धूप का एक पैकेट (Dhoop – 1pkt )
• पिसी हल्दी (Turmeric powder)
• कमल का फूल (Lotus flower )
• आभूषण वस्त्र (Jwellery, clothes )
• गंगाजल (Holy water (Ganga Jal))
• घंटी (Bell )
• गुड़ 100 ग्राम (Molasses 100 gm )
• चांदी का सिक्का (Silver coin)
• 2 थाली या चौकी (Plate or stool – 2 (थाली या चौकी-२))

Note - ध्यान दें:-

• पूजा प्रारम्भ करने से पहले जलपत्र एवं कलश मे गंगा जल मिला लें ।
• ताम्बूल बनाने के लिये पान के पत्ते को उल्टा करके उस पर लौंग इलायची सुपारी एवं कुछ मीठा रखें ।
• दुर्वा में तीनपत्ती होनी चहिये ।
• गणपति पर तुलसी दल ना चढ़ायें ।
• श्री लक्ष्मी जी को कमल का फूल बहुत प्रिय है ।
• जमीन पर गिरा हुआ ,बासी ,कीड़ा खाया हुआ फूल न चढ़ायें ।
• टूटी फूटी मुर्तियों को नदी मे, मंदिर में या पीपल के नीचे विसर्जित करे ।
• लक्ष्मी प्राप्ति के लिये लक्ष्मी मंत्र कमलगट्टे की माला पर जपना अधिक उत्तम होता है।
• धन प्राप्ति के लिये लाल आसन उत्तम रह्ता है ।
• ध्यान रहे कि पूजा करते समय या मंत्र उच्चारण के समय हाथ कभी भी खाली ना रहे । हाथ मे फूल या चावल अवश्य रखें ।
• घी का दीपक भगवान की मूर्ति के दाई ओर एवं तेल का दीपक बाई ओर रखे। धूप जल पात्र बाई ओर ही स्थापित करें।
• रक्षा सूत्र (मौली) बांधते समय हाथ मे पैसा एवं अक्षत ले खाली हाथ रक्षा सूत्र ना बांधे ।
• यदि पूजा करते समय कोइ भी चीज़ कम पड़ जाये तो आप उसकी जगह साबुत लाल चावल चढ़ा सकते है ।
•दीपावली पूजन के पश्चात सभी सामग्री देवि एवं देवताओ की स्थापना को सारी रात यथा स्थान रहने दे। विसर्जन अगले दिन करे । ध्यान रहे कि गणेश लक्ष्मी जी की मूर्ति को विसर्जन नहीं करना है, एक वर्ष रखना होता है अगले वर्ष नई मूर्तियो के पूजन के बाद ही पुराने वर्ष की मूर्ति को विसर्जन करना चहिये ।
•चढ़ाई हुइ दक्षिणा किसी ब्राह्मण को दे या मंदिर में दान करे ।

Note – Pay attention:-

• Mix some holy water (Ganga Jal) in water(which is use for worship) and finial (filled with water) before start the worship rituals ।
• Put clove,cardamom,pieces of areca nut , some sweets on upside of betel leaf and fold it to make betel (tambul)
• The grasses should have three leaves
• Don’t offer basil leaves on Ganesh Jee.
• Shree Laxmi Jee is fond of Lotus flower.
• Don’t offer musty and frozy flower.discard those flower which fallen on ground.
• Broken statue must be disperse in river/pond.
• It is better to chant Laxmi mantra on the garland made up with kamalgatta to get wealth.
• Red color mat is best to get money during worship.
• Be sure that your hand should have some rice or flower during worship or mantra-chant.
• To keep lamp with ghee at right side and lamp with oil at left side of god.Dhoop and water pot(jal paatr) place at left side.
• Keep some rupees and rice in hand during the process of binding Safety thread (mauli).
• If you could not able to arrange any of the worship item,you can offer rice(unbroken red color rice) in place of that item.
•Keep all the materials, God-Goddess etc. till the next day morning at their place. Next day do the immersion. Keep new statue of Shree Ganesh and Laxmi Jee in worship room/place. New statue of Shree Ganesh and Laxmi Jee must be keep for one year and in next year buy new one and disperse old one after worship of new one.
•Donate all the offered money and sweets to Brahman or in temple.