Sakat Chauth in English (Step by Step) ⇒

सकट चौथ की चौथी कथा

एक गाव में एक माँ और बेटे रहते थे. वे बहुत गरीब थे. किसी तरह वे अपना जीवन निर्वाह करते थे.उसकी मा हर वर्ष सकट चौथ का व्रत किया करती थी. पर इस वर्ष उसके पास तिल का लड्डु बनाने के लिये सामान नही था.सलिये उसने अपने बेटे से कहा कि कुछ इंतजाम करो. तब उसके बेटे ने कहा- “ओ माँ! तुम तबतक खप्पर ( मिट्टी का बर्तन) गर्म कर तब तक मैं सामान लेकर आता हूँ. ”
उसके बाद बेटा एक सेठ के घर में चोरी करने के लिये गया.तभी सेठ की नजर उस पर पड़ी और सेठ ने उसे पकड़ कर रस्सी से बांध दिया.
घर पर उसकी माँ ने खप्पर गर्म कर उसका इंतजार करने लगी। जब वह नहीं आया तब माँ ने कहा- “ख़प्पर धीके पूँ- पाँ ”
इधर बेटा सेठ के घर बँधा हुआ था और वहीं से कहने लगा- “बँधा हूँ. करू क्या? ”
सेठ ने जब यह आवाज सुनी तो वह बेटे के पास आकर बोला- “यह तुम क्या बोल रहे हो? ”
तब बेटे ने अपनी सारी व्यथा सुनाई और कहा कि मेरी माँ मेरा इंतजार कर रही होगी।
यह सुनकर सेठ ने उसे तिल और गुड़ देकर छोड़ दिया जिससे वह अपनी माँ के पास जा सके।
तिल- गुड़ पाकर उसकी माँ ने सकट चौथ का व्रत पूर्ण किया. सकट चौथ की कृपा से उनका घर धन-धान्य से भर गया।
बोलो श्री गणेश भगवान की जय।
बोलो सकट चौथ की जय।

Sakath Chauth 4th Story

There was a mother and son lived in a village. They were very poor. Somehow he used to live his life. His mother used to fast on Sakat Chauth every year. But this year, he did not have the ingredients to make sesame seeds laddu, so she asked his son to make some arrangements. Then his son said- "O mother! You heat the khappar (earthen pot) till then I bring the ingredients. "
After that the son went to a Seth's house to steal. Then Seth looked at him and caught him and tied him with a rope.
At home, his mother started heating khappar and waiting for him. When he did not come, the mother said- "Khapar heated enough and make sound- poon paan"
Here the son was tied up in Seth's house and started saying from there - "I am bound. What should i do "
When Seth heard this voice, he came to the son and said - "What are you saying? "
Then the son narrated all his story and said that my mother would be waiting for me.
Seth left him with sesame and jaggery after hearing his story, so that he could go to his mother.
After getting sesame and jaggery, his mother completed the fast of Sakat Chauth. By the grace of Sakat Chauth, his house was filled with money.
Say Shree Ganesh Jai to God.
Say the glory of Sakut Chauth